विकासखंड नौगढ़ में 'पंचायत विकास योजना (PoP)' पर एकदिवसीय प्रशिक्षण का हुआ सफल आयोजन।
(रिपोर्ट- मदन मोहन/नौगढ़/चंदौली)
विकासखंड नौगढ़ के सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) योजना के तहत पंचायत विकास योजना (PoP) विषय पर एकदिवसीय ब्लॉक-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपनिदेशक पंचायत, वाराणसी मंडल के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विकासखंड नौगढ़ के समस्त ग्राम पंचायत सचिवों एवं ग्राम पंचायत सहायकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उपेंद्र साहनी, एडीओ आईएसबी अनिल कुमार, ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम पंचायत सहायकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
15 गुणवत्ता संकेतक और 100 अंकों का स्कोरिंग फ्रेमवर्क
सभागार में उपस्थित संभ्रांत अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) उपेंद्र साहनी ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास योजना के तहत निरंतर कार्य योजनाएं बनती रही हैं। वर्तमान में पंचायत के समग्र विकास के लिए PoP के निष्पक्ष एवं डेटा-आधारित मूल्यांकन हेतु राष्ट्रीय स्तर पर जीपीडीपी (GPDP) में 15 गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators) शामिल किए गए हैं। इन 15 मानकों के आधार पर 100 अंकों का एक स्कोरिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
ग्राम सभाओं में वंचित वर्गों व महिलाओं की भागीदारी पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जीपीडीपी के तहत कार्य योजना तैयार करते समय समुदाय की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम सभा की बैठकों में महिलाओं, बुजुर्गों, अनुसूचित जाति (SC) तथा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लोगों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। इसके साथ ही मुख्य ग्राम सभा से पूर्व 'महिला सभा' और 'बाल सभा' का आयोजन करना आवश्यक होगा।
कम लागत व बिना लागत की गतिविधियों को प्राथमिकता
मास्टर ट्रेनरों ने जानकारी दी कि PAA (पॉवर्टी एसेसमेंट) के तहत चिन्हित की गई कमियों के अनुसार संकल्प लेकर जीपीडीपी के सभी चरणों का पालन किया जाए। इसके अंतर्गत पंचायत प्रोफाइल को नियमित रूप से अपडेट करने, ओएसआर (स्वयं के आय के स्रोत) को बढ़ाने तथा कार्ययोजना में कम लागत (Low Cost) एवं बिना लागत (No Cost) वाली गतिविधियों को प्रमुखता से शामिल करने पर बल दिया गया।
मेरी पंचायत हरित पंचायत व अपशिष्ट प्रबंधन पर चर्चा
ग्राम पंचायत विकास योजना के साथ-साथ सत्र के दौरान 'मेरी पंचायत हरित पंचायत' तथा 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026' विषय पर भी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान मुख्य मास्टर ट्रेनर रामकुमार भारती एवं उषा शर्मा द्वारा सभी पंचायत सचिवों व सहायकों को तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान विकासखंड के समस्त ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम पंचायत सहायक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।




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